YOGA E OLTRE

YOGA E OLTRE

DAL CORPO ALLA MENTE  E OLTRE


 

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त्र्यम्बकं यजामहे

सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।


उर्वारुकमिव बन्धनान्

मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥